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तजरी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तजरी वि॰ [अ॰ तज्रीद]

१. उदघाटित कर किसी चीज को असली दशा में कर देना । नंगा कर देना ।

२. (काट छाँटकर) सजाना या सँबारना ।

३. सुधार करना ।

४. एकाकी जीवन । ब्रह्मचर्य । उ॰—कोई तजरीद तफीरद बोलते हैं कोई नफीं ।—दक्खिनी॰, पृ॰ ४३३ ।