तज्ञक
प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]तज्ञक ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰] पाताल के आठ नागों में से एक नाग जो कश्यप का पुत्र था और कद्रु के गर्भ से उत्पन्न हुआ था । विशेष—श्रृंगी ऋषि का शाप पूरा करने के लिये राजा परीक्षित- को इसी ने काटा था । इसी कारण राजा जममेजय इससे बहुत बिगड़े और उन्होंने संसार भर के साँपों का नाश करने के लिये सर्पयज्ञ आरंभ किया । तक्षक इससे डरकर इंद्र की शरण में चला गया । इसपर जनमेजय ने अपने ऋषियों को आज्ञा दी कि इंद्र यदि तक्षक को न छोड़े, तो उसे भी तक्षक के साथ खींच मँगाओ और भस्म तर दो । ऋत्विकों के मंत्र पढ़ने पर तक्षक साथ इंद्र भी खिंचने लगे । तब इंद्र ने डरकर तक्षक को छोड़ दिया । जब तक्षक खिंचकर अग्निकुंड के समीप पहुँचा, तब आस्तीक ने आकर जनमेजय से प्रार्थना की और तक्षक के प्राण बच गए । आजकल के विद्धानों का विश्वास है कि प्राचीन काल में भारत में तक्षक नाम की एक जाति ही निवास करती थी । नाग जाति के लोग अपने आपको तक्षक की संतान ही बतलाते हैं । प्राचीन काल में ये लोग सर्प का पूजन करते थे । कुछ पाश्चात्य विद्वानों का मत है कि प्राचीन काल में कुछ विशिष्ट अनायों को हिंदू लोग तक्षक या नाग कहा करते थे । और ये लोग संभवतः शक थे । निब्बत, मंगोलिया ओर चीन के निवासी अबतक अपने आपको तक्षक या नाग के वंशधर बतलाते हैं । महाभारत के युद्ध के उपरांत धीरे धीरे तक्षकों का अधिकार बढ़ने लगा और उत्तरपश्चिम भारत में तक्षक लोगों का बहुत दिनों तक, यहाँ तक कि सिकंदर के भारत आने के समय तक राज्य रहा । इनका जातीय चिह्न सर्प था । ऊपर परीक्षित और जनमेजय की जो कथा दी गई है, उसके संबंध में कुछ पाश्चात्य विद्वानों का गत है कि तक्षकों के साथ एक बार पांडवों का बड़ा भारी युद्ध हुआ था जिसमें तक्षकों की जीत हुई थी ओर राजा परीक्षित मारे गए थे, और अंत से जनमेजय ने फिर तक्षशिला में युद्ध करके तक्षकों का नाश किया था और यही घटना जनमेजय के सर्पयज्ञ के नाम से प्रसिद्ध हुई है ।
२. साँप । सर्प ।
३. विश्बकर्मा ।
४. सुत्राधार ।
५. दस वायुओं में से एक । नागवायु । उ॰—प्रान, अपान, व्यान, उदान ओर कहियत प्राण समान । तक्षक, धनंजय पुनि देवदत्त और पौंड्रक शख द्युमान ।—सूर (शब्द॰) ।
६. एक प्रकार का पेड़ ।
७. प्रसेनजित् के पुत्र का नाम जिसका वर्णन् भागवत में आया है ।
८. एक संकर जाति जिसकी उत्पत्ति सूचिक पिता और ब्राह्मणी माता से मानी गई है ।
तज्ञक ^१ वि॰ छेदनेवाला । छेदक ।