तनसिज
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]तनसिज संज्ञा पुं॰ [सं॰] उरोज । उ॰—सब गनना चित चोर सों, बनी सुनत यह बोल । भरके तनसिज तरुवि के, फरके ओल कपोल ।—स॰ सप्तक, पृ॰ २४२ ।
तनसिज संज्ञा पुं॰ [सं॰] उरोज । उ॰—सब गनना चित चोर सों, बनी सुनत यह बोल । भरके तनसिज तरुवि के, फरके ओल कपोल ।—स॰ सप्तक, पृ॰ २४२ ।