तरणिज्ञा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]तरणिज्ञा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰]
१. सूर्य की कन्या, यमुना ।
२. एक वर्णवृत्त का नाम जिसके प्रत्येक चरण में एक नगण और एक गुरु होता है । इसका दूसरा नाम 'सती' है । जैसे,— नगपती । वरसती ।