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तवरक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तवरक संज्ञा पुं॰ [सं॰ तुवर] एक पेड़ जो समुद्र और नदियों के तट पर होता है । विशेष—इसमें इमली के ऐसे फल लगते हैं जिन्हें खाने से चौपायों का दूध चढ़ता है ।