ताँवरो
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]ताँवरो † संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'ताँवर' । उ॰—ज्यों सुक सेव आस लगि निसि बाप्तर हठि चित लगायौ । रीतौ परयौ जबै फल चाख्यौ, उड़ि गयौ तूल ताँवरो आयौ ।—सूर॰, १ । ३२६ ।
ताँवरो † संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे॰ 'ताँवर' । उ॰—ज्यों सुक सेव आस लगि निसि बाप्तर हठि चित लगायौ । रीतौ परयौ जबै फल चाख्यौ, उड़ि गयौ तूल ताँवरो आयौ ।—सूर॰, १ । ३२६ ।