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तापव्यंजन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तापव्यंजन संज्ञा पुं॰ [सं॰ तापव्यञ्जन] वे गुप्तचर या खुफिया पुलिस के आदमी जो तपस्वियों या साधुओं के देश में रहते थे । विशेष— कौटिल्य के समय में ये समाहर्ता के अधिन होते थे । ये किसानों, गोपों, व्यापारियों तथा भिन्न भिन्न अध्यक्षों के ऊपर दृष्टि रखते थे तथा शत्रु राजा के गुप्तचरों और चौर डाकुओं का पता भी लगाया करते थे ।