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तामिस्त्र

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तामिस्त्र संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. एक नरक का नाम जिसमें सदा घोर अंधकार बन रहता है ।

२. क्रोध ।

३. द्वेष ।

४. एक अविद्या का नाम । भोग की इच्छापूर्ति में बाधा पड़ने से जो क्रोध उत्पन्न होता है उसे तामिस्त्र कहते हैं ।— *(भागवत) ।

५. घृणा (को॰) ।

७. एक राक्षस (को॰) ।