तारकेश्वर
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]तारकेश्वर संज्ञा पुं॰ [सं॰] शिव ।
२. एक शिवलिंग जो कलकत्ते के पास है ।
३. एक रसौषध । विशेष—पारा, गंधक, लोहा, वंग, अभ्रक, जवासा, जवाखार, गोखरू के बीज और हड़ इन सबको बराबर लेकर घिसते हैं और फिर पेठे के पानी, पंचमूल के काढ़े और गोखरू के रस की भावना देकर प्रस्तुत औषध की दो दो रत्ती की गोलियाँ बना लेते हैं । इन गोलियों को शहद में मिलाकर खाते हैं । इस औषध के सिवन से बहुमूत्र रोग दूर होता है ।