सामग्री पर जाएँ

तारना

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

तारना ^१ क्रि॰ स॰ [सं॰ तारण]

१. पार लगाना । पार करना ।

२. संसार के क्लेश आदि से छुड़ना । भबबाधा दूर करना । उद्धार करना । निस्तार करना । सदगति देना । मुक्त करना । उ॰—काहू के न तारे तिन्है गंगा तुम तारे और जेते तुम तारे तेते नभ में न तारे हैं ।—पद्माकर (शब्द॰) ।

३. पानी की धारा देना । तरेरा देना । उ॰—मनहुं बिरह के सद्य घाव हिए लखि तकि तकि धरि धीरज तारति —तुलसी (शब्द॰) ।

४. तैराना ।

तारना † ^२ संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ ताड़ना] दे॰ 'ताड़ना' ।