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तिधार

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तिधार संज्ञा पुं॰ [सं॰ त्रिधार] एक प्रकार का थूरह (सेंहुड़) हैं । इसे बगीचों आदि की बाढ़ या टट्टी के लिये लगाते हैं । इसे बज्री या नरसेज भी कहते हैं ।