सामग्री पर जाएँ

तिरछ

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

तिरछ उड़ी संज्ञा स्त्री॰ [हिं॰ तिरछा + उड़ना] मालखंभ की एक कसरत जिसमें खेलाड़ी के शरीर का कोई भाग जमीन पर नहीं लगता, एक कंधा झुकाकर और एक पाँव उठाकर वह शरीर को चक्कर देता है । इसे छलाँग भी कहते हैं ।