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तिरपत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तिरपत पु वि॰ [हिं॰] दे॰ 'तृप्त' । उ॰— दरिया पीवै मीत कर, सो तिरपत हो जाय ।— दरिया॰ बानी, पृ॰ ३१ ।