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तिरिविष्टप

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तिरिविष्टप पु संज्ञा पु॰ [सं॰ त्रिविष्टप] दे॰ 'त्रिविष्टप' । उ॰— स्वर्ग, नाक, स्वर, द्यौ, त्रिवृदिवि, दिव, तिरिवष्टप होइ ।— नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ १०८ ।