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तुन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तुन संज्ञा पुं॰ [सं॰ तुन्न] एक बहुत बड़ा पेड़ जो साधारणतः सारे उत्तरीय भारत में सिंध नदीं से लेकर और भूटान तक होता है । विशेष—इसकी ऊँचाई चालीस से लेकर पचास साठ हाथ तक और लपेट दस बारह हाथ तक होती है । पत्तियाँ इसकी नीम की तरह लंबी लंबी पर बिना कटाव की होती हैं । शिशिर में यह पेड़ पत्तियाँ झाड़ता है । बसंत के आरंभ में ही इसमें नीम के फूल की तरह के छोटे छोटे फूल गुच्छों मे लगते हैं जिनकी पँखुड़ियाँ सफेद पर बीच की घुँडियाँ कुछ बड़ी और पीले रंग की होती है । इन फूलों से एक प्रकार का पीला बसंती रंग निकलता है । झड़े हुए फुलों को लोग इकट्ठा करके सुखा लेते हैं । सूखने पर केवल कड़ी कड़ी घुँडियाँ सरसों के दाने के आकार की रह जाती है जिन्हें साफ करके कूट डालते या उबाल डालते हैं । तुन की लकड़ी लाल रंग की और बहुत मजबूत होती है । इसमें दीमक और धुन नहीं लगते । मेज कुरसी आदि सजावट के समान बनाने के लिये इस लकड़ी की बड़ी माँग रहती है । आसाम में चाय के बकस भी इसके बनते हैं ।