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तुभना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तुभना क्रि॰ अ॰ [सं॰ स्तुभ, स्तोभन ( = स्तब्ध रहना, ठक रहना)] स्तब्ध रहना । ठक रह जाना । अचल रह जाना । उ॰— टरति न टारे यह छबि मन में चुभी । स्याम सघन पीतांबर दामिनि, अंखियाँ चातक ह्वै जाय तुभी ।—सूर (शब्द॰) ।