तुरँज
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]तुरँज पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे 'तुंरज—२' । उ॰—गलगल तुरँज सदा- फर फरे । नारँग अति राते रस भरे ।—जायसी ग्रं॰ पृ॰ १३ ।
तुरँज पु संज्ञा पुं॰ [हिं॰] दे 'तुंरज—२' । उ॰—गलगल तुरँज सदा- फर फरे । नारँग अति राते रस भरे ।—जायसी ग्रं॰ पृ॰ १३ ।