तुल्ययोगिता
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]तुल्ययोगिता संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] एक अलंकार जिसमें कई प्रस्तुतों या अप्रस्तुतों का अर्थात् बहुत से उपमानों का एक ही धर्म बतलाया जाय । जैसे,—(क)अपने अँग के जानि कै जोबन नृपत्ति प्रबीन । स्तन, मन, नैन, नितंब को बड़ो इजाफ ा कीन ।—बिहारी (शब्द॰) । यहाँ स्तन, मन, नयन, नितंब इन प्रसिद्ध उपमेयों का 'इजाफा होना' एक ही धर्म कहा गया है । (ख) लखि तेरी सुकुमारता एरी या जग माँहि । कमल, गुलाब कठोर से किहि को भासत नाहिं (शब्द॰) । यहाँ कमल और गुलाब इन दोनों उपमानों का एक ही धर्म कठोरता कहा गया है ।