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तूरय

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तूरय पु संज्ञा पुं॰ [सं॰ तुरग] [स्त्री॰ तुरी] घोड़ा । उ॰—सायक चाप तुरय वनि जति हो लिए सबै तुम जाहू ।—सूर (शब्द॰) ।