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तृणस्पर्श

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तृणस्पर्श परीषह संज्ञा पु॰ [सं॰] दर्भादि कठोर तृणों को बिछा— कर लेटने और उनके गड़ने की पीडा़ को सहने की क्रिया । (जैन) ।