तृपतना
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]तृपतना पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ तृप्ति] तृप्त होना । संतुष्ट होना । अघाना । उ॰—निरवधि मधु की धारा आहि । सु को जु तृपतै पीवत ताहि ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ २७९ ।
तृपतना पु क्रि॰ अ॰ [सं॰ तृप्ति] तृप्त होना । संतुष्ट होना । अघाना । उ॰—निरवधि मधु की धारा आहि । सु को जु तृपतै पीवत ताहि ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ २७९ ।