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तेँदू

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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तेँदू संज्ञा पुं॰ [सं॰ तिन्दुक]

१. मझोले आकार का एक वृक्ष जो भारतवर्ष, लंका, बरमा और पूर्वी बंगाल के पहाड़ी जंगलों में पाया जाता है । विशेष—यह पेड़ जब बहुत पुराना हो जाता है तब इसके हीर की लकड़ी बिलकुल काली हो जाती है । वही लकड़ी आबनूस के नाम से बिकती है । इसके पत्ते लंबोतरे, नोकदार, खुरदुरे और महुवे के पत्तों की तरह पर उससे नुकीले होते हैं । इसकी छाल काली होती है जो जलाने से चिड़चिड़ाती है । पर्या॰—कालस्कंघ । शितिशारथ । केंदु । तिंदु । तिंदुल । तिंदुकी । नीलसार । अतिमुत्कक । कालसार ।

२. इस पेड़ का फल जो नींबू की तरह का हरे रंग का होता है और पकने पर पाला हो जाता और खाया जाता है । विशेष—वैद्यक में इसके कच्चे फल को स्निग्ध, कसैला, हलका, मलरोधक, शीतल, अरुचि और वात उत्पन्न करनेवाला और पक्के फल को भारी, मधुर, स्वादु, कफकारी और पित्त, रक्तरोग और वात का नाशक माना है ।

३. सिंध और पंजाब में होनेवाला एक प्रकार का तरबूज जिसे ' दिलपसंद' भी कहते हैं ।