तोय

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

तोय ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. जल । पानी । पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र ।

तोय पु ^२ अव्य [हिं॰ तो] तो भी । फीर भी । उ॰—चहुवाँणाँ कुल चल्लणी, वियौ न चल्लै कोय । चाड न घट्टै खूँद की सीस पलट्टै तोय ।— रा॰ रू॰, पृ॰ ११६ ।

तोय ^३ सर्व॰ [हिं॰ तो] दे॰ 'तुझे' । उ॰—मैं पठई वृषभानु कै, करनि सगाई तोय ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ १९५ ।