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त्रिजामा

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शब्दसागर

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त्रिजामा पु † संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ त्रियामा] रात्रि । रजनी । उ॰— (क) युग चारि भए सब रैनि याम । अति दुसह बिथा तनु करी काम । यहि ते दयाइ मानौ विरंचि । सब रैनि त्रिजामा कीन्ह संचि ।—गुमान (शब्द॰) । (ख) छनदा छपा तमस्विनी तमी तमिश्रा होय । निशिश्री सदा विभावरी रात्रि त्रिजामा सोय ।—नंददास (शब्द॰) ।