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त्रिप्रस्तुत

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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त्रिप्रस्तुत संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह हाथी जिसके मस्तक, कपोल और नेत्र इन तीनों स्थानों से मद झड़ता हो ।