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त्रिबंक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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त्रिबंक ^१पु वि॰ [सं॰ त्रि + हिं॰ बंक] तीन जगह से टेढ़ा । उ॰— बंक दासी सँग बैठि चितहू त्रिबंक भो ।—नट॰, पृ॰ ३९ ।

त्रिबंक ^२पु संज्ञा स्त्री॰ तीन जगह से टेढ़ी, कुब्जा । उ॰—हम सूधी को टेढ़ी गनी गनिका वा त्रिबंक को अंक धरी सो धरी ।— नट॰, पृ॰ ३१ ।