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त्रिभुवनगुरु

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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त्रिभुवनगुरु संज्ञा पुं॰ [सं॰] शिव । उ॰—तुम्ह त्रिभुवनगुरु वेद बखाना । आन जीवन पाँवर का जाना ।—मानस, १ ।