त्रिमधु
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]त्रिमधु संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. ऋग्वेद के एक अंश का नाम ।
२. वह व्यक्ति जो विधिपूर्वक उक्त अंश पढ़े ।
३. ऋग्वेद का एक यज्ञ ।
४. घी, शहद और चीनी इन तीनों का समूह ।
त्रिमधु संज्ञा पुं॰ [सं॰]
१. ऋग्वेद के एक अंश का नाम ।
२. वह व्यक्ति जो विधिपूर्वक उक्त अंश पढ़े ।
३. ऋग्वेद का एक यज्ञ ।
४. घी, शहद और चीनी इन तीनों का समूह ।