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त्रिमुख

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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त्रिमुख संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. शाक्यमुनि ।

२. गायत्री जपने की चौवीस मुद्राओं में से एक मुद्रा ।