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त्रिवर्ग

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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त्रिवर्ग संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. अर्थ, धर्म और काम ।

२. त्रिफला ।

३. त्रिकुटा ।

४. वुद्धि, स्थिति और क्षय ।

५. सत्व, रज और तम ये तीनों गुण ।

६. ब्राह्मण क्षत्रिय और वैश्य ये तीनों प्रधान जातियाँ ।

७. सुगति ।

८. गायत्री ।