त्रिसरैनु
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]त्रिसरैनु पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ त्रसरेणु] दे॰ 'त्रसरेणु' । उ॰—उपजत भ्रमत फिरत गहिं चैनु । जैसें जालरंध्र । त्रिसरैनु ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ २७० ।
त्रिसरैनु पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ त्रसरेणु] दे॰ 'त्रसरेणु' । उ॰—उपजत भ्रमत फिरत गहिं चैनु । जैसें जालरंध्र । त्रिसरैनु ।—नंद॰ ग्रं॰, पृ॰ २७० ।