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त्रैमातुर

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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त्रैमातुर संज्ञा पुं॰ [सं॰] लक्ष्मण । विशेष—लक्ष्मण जी सुमित्रा के गर्भ से उत्पन्न हुए थे पर सुमित्रा ने चरु का जो अंश खाया था वह पहले कौशल्या और केकयी को दिया गया था और उन्हीं दोनों से सुमित्रा को मिला था, इसीलिये लक्ष्मण का नाम त्रैमातुर पड़ा ।