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त्रोटक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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त्रोटक संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. नाटक का एक भेद जिसमें ५, ७, ८ या ९ अंक होते हैं और प्रत्येक अंक में विदूषक रहता है । यह नाटक श्रृंगाररसप्रधान होता है और इसका नायक कोई दिव्य मनुष्य होता है ।

२. एक राग का नाम (संगीत) ।