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त्र्यवरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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त्र्यवरा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] तीन सदस्यों की शासक सभा । वि॰ दे॰ 'दशावरा' । विशेष— मनुस्मृति के टीकाकार कुल्लूक ने तीन सभ्यों से ऋग्वेदी, यजुवेंदी और सामवेदी का तात्पर्य लिया है ।