थपेड़ा

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

थपेड़ा संज्ञा पुं॰ [अनु॰ थप थप]

१. हथेली से पहुँचाया हुआ आघात । थप्पड़ ।

२. एक वस्तु पर दूसरी वस्तु के बार बार वेग से पड़ने का आघात । धक्का । टक्कर । जैसे, नदी के पानी का थपेड़ा । उ॰— थपकी देने लगीं तरंगें मार थपेड़े ।— साकेत, पृ॰, ४१३ । क्रि॰ प्र॰—लगाना ।—मारना ।