थापणि

विक्षनरी से
Jump to navigation Jump to search


हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

थापणि संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ स्थापना, प्रा॰ थावणा] स्थिरता । स्थापना । स्थैर्य । शांति । उ॰— थापणि पाई थिति भई, सतगुर दिन्हीं धीर । कबीर हीरा बणजिया, मानसरोवर तीर ।—कबीर ग्रं॰, पृ॰ २८ ।