थैला

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हिन्दी[सम्पादन]

प्रकाशितकोशों से अर्थ[सम्पादन]

शब्दसागर[सम्पादन]

थैला संज्ञा पुं॰ [सं॰ स्थल (= कपड़े का घर)] [स्त्री॰ अल्पा॰ थैली]

१. कपड़े टाट आदि को सीकर बनाया हुआ पात्र जिसमें कोई वस्तु भरकर बंद कर सकें । बड़ा कोश । बड़ा बटुआ । बढ़ा कीसा । मुहा॰—थैला करना = मारकर ढेर कर देना । मारते मारते ढीला कर देना ।

२. रुपयों से भरा हुआ थैला । तोड़ा । उ॰—बोल्यो बनजारो दम खोलि थैला दीजिए जू लीजिए जू आय ग्राम चरन पठाए हैं ।—प्रियादास (शब्द॰) ।

३. पायजामे का वह भाग जो जंघे से घुटने तक होता है ।