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दधिकादो

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दधिकादो संज्ञा पुं॰ [सं॰ दधि + कदर्म>हिं॰ काँदो ( = कीचड़)] जन्माष्टमी के समय होनेवाला एव प्रकार का उत्सव, जिसमें लोग हलदी मिला हुआ वही एक दूसरे पर फेंकते हैं । उ॰— यशुमति भाग सुहागिनी जिन जायो हरि सो पूत । करहु ललन की आरती री अरु दधिकादो सूत ।—सूर (शब्द॰) । विशेष—कहते हैं, श्रीकृष्णजन्म के समय गोपों और गोपि- काओं ने आनंद में मग्न होकर हल्दी मिला दही एक दूसरे पर इतना अधिक फेंका था कि गोकुल की गलियों में दही का कीचड़ सा हो गया था ।