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दमड़ी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दमड़ी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ द्रविण (=धन) या दाम + ड़ी (प्रत्य॰)]

१. पैसे का आठवाँ भाग । विशेष— कहीं कहीं पैसे के चौथे भाग की भी दमड़ी कहते हैं । मुहा॰—दमड़ी के तीन होना = बहुत सस्ता होना । कौड़ियों के मोल होना । दमड़ी की बुलबुल टका हसकाई = कम दाम की चीज पर अन्य खर्च अधिक पड़ जाना । उ॰— तिनककर कह ऊइ । दमड़ी की बुलबुल टका हसकाई हम अपने आप पी लैंगे ।—फिसाना॰, भा॰ ३, पृ॰ २२६ ।

२. चिलचिल पक्षी ।