दरमाँदा
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प्रकाशितकोशों से अर्थ
[सम्पादित करें]शब्दसागर
[सम्पादित करें]दरमाँदा वि॰ [फा॰ दरमान्दह] लाचार । असहाय । संकटग्रस्त । उ॰— दरमाँदा ठाढो तुम दरबार । तुम बिन सुरत करे को मेरी दरसन दीजै खोल किवार ।— कबीर श॰, भा॰ २, पृ॰ ९० ।
दरमाँदा वि॰ [फा॰ दरमान्दह] लाचार । असहाय । संकटग्रस्त । उ॰— दरमाँदा ठाढो तुम दरबार । तुम बिन सुरत करे को मेरी दरसन दीजै खोल किवार ।— कबीर श॰, भा॰ २, पृ॰ ९० ।