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दरसना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दरसना पु ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ दर्शन] दिखाई पड़ना । देख पड़ना । देखने में आना । दृष्टिगोचर होना । उ॰—श्री नारद की दरसै मति सी । लोपै तमता अपकीरति सौ ।— केशव (शब्द॰) ।

दरसना ^२ क्रि॰ सं॰ [सं॰ दर्शन] देखना । लखना । उ॰—(क) बन राम शिला दरसी जबहीं ।— केशव । (शब्द॰) । (ख) नर अंध भए दरसे तरु मोरे ।— केशव । (शब्द॰) ।