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दरसनी

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दरसनी पु संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ दर्शन] दर्पण । शीशा । आईना । उ॰— नकुल सुदरसन दरसनी छेमकरी चकचाष । दस दिसि देखत सगुन सुभ पूजहि मन अभिलाष ।—तुलसी (शब्द॰) ।

दरसनी हुंड़ी संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ दर्शन]

१. वह हुंड़ी जिसके भुगतान की मिति को दस दिन या उससे कम दिन बाकी हों । (इस प्रकार की हुंड़ी बाजार में दरसनी हुंड़ी के नाम से बिकती थी ।

२. कोई ऐसी वस्तु जिसे दिखाते ही कोई वस्तु प्राप्त हो जाय ।