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दर्राना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दर्राना क्रि॰ अ॰ [अनु॰ दड़ दड़, धड़ धड़] धड़धड़ाना । बेधड़क चला जाना । विना रुकावट या डर के चला जाना । विशेष— इस क्रिया के उन्हीं रूपों का प्रयोग होता है जिनसे क्रि॰ वि॰ का भाव प्रकट होता है, जैसे, दर्राकर= धड़ धड़ाकर । बेधड़क । दर्राता हुआ = धड़धड़ता हुआ । बेधड़क उ॰— वह दर्राता हुआ दरबार में जा पहुँचा । † दर्राना = धड़धड़ाता हुआ । बेधड़क । उ॰— द्वारपालें की बात सुनी अनसुनी कर हरि सब समेत दर्राने वहाँ चले गए, जहाँ तीन ताड़ लंबा अति मोटा महादेव का धनुष धरा था ।— लल्लू (शब्द॰) ।