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दलकना

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दलकना ^१ क्रि॰ अ॰ [सं॰ दलन]

१. फट जाना । दरार खाना । चिर जाना । उ॰—तुलसी कुलिस की कठोरता तेहि दिन दलकि दली ।—तुलसी (शब्द॰) ।

२. थर्राना । काँपना । उ॰—महाबली बलि को दबतु दलकत भूमि तुलसी उछरि सिंधु मेरु मसकत है ।—तुलसी (शब्द॰) ।

३. चौंकना । उद्विग्न हो उठना । उ॰—(क) दलिक उठेउ सुनि बचन कठोरू । जनु छुइ गयो पाक बरतोरू ।—तुलसी (शब्द॰) । (ख) कैकेई अपने करमन को सुमिरत हिय में दलकि उठी ।—देवस्वामी (शब्द॰) ।

दलकना पु ^२ क्रि॰ स॰ [सं॰ दलन] डराना । भीत कर देना । भय से कँपा देना । उ॰—सूरजदास सिंह बलि अपनी लीन्हीं दलकि श्रृगालहिं ।—सूर (शब्द॰) ।