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दशमूल

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दशमूल संज्ञा पुं॰ [सं॰] दस पेड़ों की छाल या जड़ जो दवा के काम आती है । विशेष—सरिवन (शालपर्णी), पिठवन (पृश्निपर्णी), छोटी कटाई, बड़ी कटाई, और गोखरू ये लघुमूल और बेल, सोना- पाठा (श्योनाक), गंभारी, गनियारी और पाठा बृहन्मूल कहलाते हैं । इन दोनों के योग को दशमूल कहते हैं । दशमूल काश, श्वास और सन्निपात ज्वर में उपकारी माना जाता है ।