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दशावरा

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दशावरा संज्ञा स्त्री॰ [सं॰] दस सभ्यों की शासक सभा । दस पंचों की राजसभा । विशेष—ऐसी सभा जो व्यवस्था दे, उसका पालन मनु ने आवश्यक लिखा है । गौतम ने दशावरा के दस सभ्यों का विभाग इस प्रकार बताया है कि चार तो भिन्न भिन्न वेदों के, तीन भिन्न भिन्न आश्रमों के और तीन भिन्न भिन्न धर्मो के प्रतिनिधि हों । बौद्धायन ने धर्मों के तीन ज्ञाताओं के स्थान पर मीमांसक, धर्मपाठक और ज्योतिषी रखे हैं ।