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दसन

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दसन पु ^१ संज्ञा पुं॰ [सं॰ दशन] दे॰ 'दशन' । उ॰—जो चित चढै नाममहिमा जिन गुनगन पावन पन के । तौ तुलसिहिं तारिहौ बिप्र ज्यों दसन तोरि जमगन के ।—तुलसी ग्रं॰, पृ॰ ५०७ । यौ॰—दसनबसन = दातों का वस्त्र अर्थात् ओठ और अधर । उ॰—नैननि कै तारनि में राखौ प्यारे पूतरी कै, मुरली ज्यों लाइ राखौ दसनबसन में ।—केशव॰ ग्रं॰, भा॰ १, पृ॰ २८ ।

दसन ^२ संज्ञा पुं॰ [देश॰] एक प्रकार की छोटी झाड़ी पंजाब, सिंध, राजपूताने और मैसूर में पाई जाती है । इसकी छाल चमड़ा सिझाने के काम में आती है । दसरनी ।

दसन ^३ संज्ञा पुं॰ [सं॰]

१. विनशन । क्षय । नाश ।

२. हटा देना । बहिष्करण । निष्कासन ।

३. क्षेपण । फेंकना [को॰] ।