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दाँक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दाँक संज्ञा स्त्री॰ [सं॰ दाङ्क्ष( = चिल्लाना), हिं॰, बँ॰ डाकना] दहाड़ । गरज । किसी प्राणी का भीषण स्वर । उ॰—लखन बचन की धाँक सोँ परयो समाज सनाँक । जिमि सिंधुर गण बाँक में परै सिंह की दाँक ।—रघुराज (शब्द॰)