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दाक्षिणिक

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प्रकाशितकोशों से अर्थ

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शब्दसागर

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दाक्षिणिक संज्ञा पुं॰ [सं॰] वह बंधन जो दक्षिणाप्रधान इष्टापूर्त आदि कर्मो को कामनावश करने से होता है (याज्ञवल्कय) ।