सामग्री पर जाएँ

दानान्तराय

विक्षनरी से

प्रकाशितकोशों से अर्थ

[सम्पादित करें]

शब्दसागर

[सम्पादित करें]

दानांतराय संज्ञा पुं॰ [सं॰ दानान्तराय] जैनाशास्त्र के अनुसार वह अंतराय या पापकर्म जिसके उदय से दान के योग्य द्रव्य और पात्र पाकर भी मनुष्य को दान करने में विघ्न होते हैं और वह दान नहीं कर सकता ।